लेखनी

कागज और कलम की, कितनी प्यारी दोस्ती है,कभी भी अलग न होने वाली कितनी प्यारी कहानी है ।इतना प्यारा रिश्ता, इतना प्यारा दोस्तानान कभी था, न कभी होगा । प्रिय को प्रेम पत्र हो, या कोई और खबरदुखद समाचार हो या, सुखद हो खबर, ये कितनी आसानी से लिख देती है । ह्रदय में उठContinue reading “लेखनी”

।।।।ये लोग ।।।।

एक छोटी-सी मुस्कान सेलोगों से जुड जाते हैं लोगलेकिन फिर भी न जाने क्योंमुँह बनाकर चले जाते हैं लोग मैंने तो हाथ बढाया था दोस्ती काधीरे से हाथ छुडाकर चले गये लोगअब जब दिख जाते हैं सामनेमुँह फेर कर चले जाते हैं लोग क्या हुआ जो मैंने स्वयं बढकरउनको हैलो बोल दिया, लेकिनजवाब न देकरContinue reading “।।।।ये लोग ।।।।”

मेरी माँ

तुम कहाँ गई हो माँ?एक बार आ जाओ न माँ ! दादी कहती हैं कितारा बन गई है मेरी माँ,मैं तो सारे तारे देखती हूँ,कौन सा तारा हो तुम माँ? मैं तो पहचान भी नहीं पा रही माँ,नानी बोली भगवान के पासचली गई है मेरी माँ,मैंने मंदिर में भी ढूँढातुम वहां भी नहीं थी माँ,Continue reading “मेरी माँ”

सीधी लकीर

अस्पताल का आय सी यू का कमरा ।इतना सन्नाटा कि सूई गिरने की आवाज भी सुनाई दे और बस पलंग पर लेटे हुआ कैंसर का मरीज शिव।हा ये शिव ही है जिस की काया पिछले छः माह में आधी रह गयी है, केवल चेहरा ही पहचान में आता है वरना शरीर पर तो कुछ बचाContinue reading “सीधी लकीर”

दोस्त

रिमझिम रिमझिम बारिश होबालकनी में दोस्तों का साथ होगर्म चाय की प्याली होगरम पकोड़े का स्वाद हो हो जाये कुछ हंसी मजाकन हो किसी का मन उदासबचपन की यादें साथ होबस यही मन आजाद हो यही है यारों की यारीसहेज लो धरोहर प्यारीआये जब साथ निभाने की बारीन हो किसी का हाथ खाली – कुमुदिनीContinue reading “दोस्त”

शहीद जवान

भारत माता की रक्षा हेतुसेनाएं तैयार है सीना तानआ जाये चीन या पाकिस्तानकम न होगी तिरंगे की शान “भारत माता की जय “का नाराहिन्दुस्तान हमे है जान से प्यारातिरंगा लेकर गया था लालतिरंगे में लपेट कर, आ गया है लाल हुये शहीद, जवान सीमा परनाज़ है, माता पिता को लाल परहिन्दुस्तान का बेटा था वोभारतContinue reading “शहीद जवान”

यूँ तो न जाते

माना कि बहुत रहा होगा अवसादबहुतों से रहा होगा विवादनहीं हो पाया होगा संवादफिर भी कुछ तो होगा न निर्विवाद ऐसा कदम उठाने से पहलेजरा सा कुछ तो समझ लेतेउस जन्म दाता के बारे मेथोड़ा सा कुछ तो सोच लेते जिन कंधों पर बैठ करदेखा करते थे तुम ऊँचाईआज वही कंधे झुक गए हैंदेखकर तुम्हारीContinue reading “यूँ तो न जाते”

उगता सूरज

सुबह के हल्के अंधियारों मेलोग खड़े है समुद्र किनारे सूर्य उदय की प्रतीक्षा में नजरें टिकाये उसी ओर शायद समुद्र का हो वो अंतिम  छोर आकाश और धरती का मिलन है जिस ओर तभी अंधेरे को चीरती हुईप्रकाश  की नन्ही सी  किरण आती हैं  बाहर  ऐसे  जैसे आई हो समुद्र में  नहाकर चारों ओर लालिमा छाईलोगों ने खुशियाँ मनाईधीरे-धीरे  छोटी सीContinue reading “उगता सूरज”